CBSE teachers association meets edu dept officials || सीबीएसई स्कूल प्रशासन द्वारा सालों से शिक्षक, शिक्षकेत्‍तर कर्मचारियों के हो रहे उत्पीड़न को रोककर उन्‍हें न्याय दिलाने के लिए सिस्‍वा के जन आंदोलन के परिणामस्वरूप

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INDIA: One of the probably only CBSE teachers association in the country has demanded a tribunal in Maharashtra to address their problems. CSSWA alleges teachers in private CBSE schools are being left without a platform to raise their concerns. Deepali Dabli, president of the association, said it is high time the authorities acted on this issue.

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सीबीएसई स्कूल प्रशासन द्वारा सालों से शिक्षक, शिक्षकेत्‍तर कर्मचारियों के हो रहे उत्पीड़न को रोककर उन्‍हें न्याय दिलाने के लिए सिस्‍वा के जन आंदोलन के परिणामस्वरूप

पीएमओ कार्यालय और मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से दिये गये निर्देशों के अनुसार सीबीएसई द्वारा 12 जनवरी 2020 को प्राप्‍त एक पत्र के द्वारा सीबीएसई स्कूल प्राधिकरण स्थापित करने का अधिकार महाराष्ट्र सरकार को दिया गया है। सीबीएसई के इस निर्णय पर तत्‍काल कारवाई की जानी चाहिए इस मांग को लेकर सीबीएसई स्कूल स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन (सिस्‍वा) की अध्यक्ष दीपाली डबली के साथ सिस्‍वा के पदाधिकारियों ने शिक्षा उपनिदेशक डॉ. वैशाली जामदार से मुलाकात की । उनके माध्‍यम से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, शिक्षा राज्य मंत्री वर्षा गायकवाड़ और अपर मुख्य शिक्षा सचिव वंदना कृष्णा के नाम एक निवेदन दिया गया है ।

इस वक्‍त शिक्षक विधायक नागो गाणार, सिस्‍वा के कानूनी सलाहकार एड. संजय काशीकर, प्रमोद रेवतकर, सिस्‍वा के सचिव आचल देवगड़े, कोषाध्यक्ष महेश डबली और भंडारा और नागपुर से सिसवा सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

सीबीएसई की ओर से नागपुर शिक्षा विभाग को 12 फरवरी 2020 के प्राप्‍त हुये एक पत्र के अनुसार सीबीएसई स्कूल प्राधिकरण स्थापित करने का अधिकार अब राज्य सरकार को मिला है, इस मुद्दे के आधार पर शिक्षा उप निदेशक ने आश्वासन दिया कि, सीबीएसई प्राधीकरण की स्थापना के लिए नागपुर शिक्षा विभाग द्वारा तत्‍काल उचित कदम उठाए जाएंगे। डॉ. वैशाली जमादार ने कहा कि सालों से हिटलरशाही सिद्धांतों का उपयोग करके शिक्षकों और शिक्षकेत्‍तर कर्मचारियों के साथ अन्याय करने वाले स्कूल प्रबंधन की अवैध नीति पर अंकुश लगाना जरूरी है । उसके लिए सीबीएसई स्कूल प्राधिकरण को जल्द से जल्द स्थापित करने की आवश्यकता है। डॉ. जामदार ने बताया कि उसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

मा. नाना पटोले ने शीतकालीन सत्र में सिस्‍वा संगठन को इस संबंध में कानून लागू करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, कोरोना महामारी की वजह से शीतकालीन सत्र नही हो पाया । इसके बावजूद, मा. नाना पटोले सीबीएसई स्कूल प्राधिकरण की स्थापना के लिए शुरू से ही सिस्‍वा का समर्थन करते रहे हैं।

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भंडारा सीईओ के आदेशों की पूर्ती के लिए करेंगे प्रयास

विशेष कार्याधिकारी, भंडारा द्वारा जारी आदेश के बावजूद, यहाँ के शैक्षणिक संस्थानों ने उनके आदेशों की अवहेलना की, कुछ शिक्षकों को अवैध रूप से निकाला गया, नियमों का उल्लंघन करके शिक्षकों को समायोजित नहीं किया गया, कई शिक्षकों के वेतन को रोके गये, सीबीएसई के कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका में अनियमितता की गयी, नियमानुसार वेतन न देना, डिलिवरी लिव न देना जैसी कई शिकायतें सिस्‍वा को प्राप्‍त हो रही है । इन सभी मांगो की पूर्ती के लिए और शिक्षकों को न्‍याय दिलाने के संदर्भ में तयार किया गया निवेदन इस वक्‍त शिक्षा उपनिदेशक डॉ. वैशाली जामदार को दिया गया । इन सभी मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और इस संबंध में प्रयास करने के बाद, शिक्षा विभाग द्वारा उचित कदम उठाए जाएंगे और संबंधित शिक्षकों को जल्द ही न्याय दिलाया जाएगा, ऐसा उन्होंने सिस्‍वा की अध्‍यक्ष दिपाली डबली और अन्‍य पदााधिकारियों को आश्वासन दिया।

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